आर्टिफिशियल हार्ट की मांसपेशी /अमेरिकी हर दिन पिज्जा

 

आर्टिफिशियल हार्ट की मांसपेशी  ;

वॉशिंगटन. टूटे हुए असली दिल की मांसपेशियों को नकली दिल की मांसपेशी जोड़ देगी। यह कमाल वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल हार्ट की मांसपेशी बनाकर किया है। वैज्ञानिकों ने मानव दिल के हूबहू आर्टिफिशियल हार्ट मसल विकसित की है। इससे हार्ट अटैक के मरीजों को जीवनदान दिया जा सकता है।

अमेरिका के ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों का दावा है कि इस आर्टिफिशियल हार्ट मसल से टूटे यानी फटे हुए दिल को जोड़ने से एक कदम आगे दिल की मृत हो चुकी मांसपेशी को जोड़ा जा सकेगा। रिसर्चर इल्या शैड्रिन ने कहा कि अभी तक क्षतिग्रस्त दिल की मांसपेशी को ठीक करने का इलाज होता है। पहली बार ऐसी आर्टिफिशियल मांसपेशी बनाई गई है, जो असली दिल की मांसपेशी की जगह ले लेगी। इसमें मृत मांसपेशी के स्थान पर शरीर से बाहर निर्मित दिल की मांसपेशी को प्लांट कर दिया जाएगा। इस तकनीक से दुनियाभर में दिल के 1.20 करोड़ मरीजों को ठीक किया जा सकता है।


अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आठ में से एक अमेरिकी हर दिन पिज्जा के एक या दो टुकड़े खाता है। ;
अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आठ में से एक अमेरिकी हर दिन पिज्जा के एक या दो टुकड़े खाता है। इसका क्या कारण है? दरअसल, यूएसडीए पिज्जा का उपभोग बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। एजेंसी के डेयरी प्रोग्राम के तहत दूध पर मामूली फीस लगाई जाती है। इस धन का उपयोग चीज जैसे डेयरी प्रोडक्ट को आगे बढ़ाने में होता है। इससे पिज्जा को फायदा हुआ है।
2009 में डोमिनोज पिज्जा और यूएसडीए की सहायक एजेंसी ने 40 प्रतिशत अधिक चीज के पिज्जा स्लाइस बनाए। एजेंसी ने तीन वर्ष में 216 करोड़ रुपए खर्च किए। इसका अधिकांश हिस्सा पिज्जा की मार्केटिंग में लगा है। अब 400 से अधिक स्कूलों में बच्चों के लिए पिज्जा स्लाइस उपलब्ध हैं।
किसानों के लिए यह स्थिति अच्छी है लेकिन इससे सेहत के सवाल जुड़े हैं। डोमिनोज के दस इंच के छोटे चीज पिज्जा में लगभग 1200 कैलोरी रहती हैं। यह एक वयस्क के लिए जरूरी कैलोरी का आधे से अधिक हिस्सा है।
यूएसडीए की रिपोर्ट में बताया गया है, ज्यादातर आहारों में नमक के तीन बड़े स्रोतों में पिज्जा एक है। नमक की ज्यादा मात्रा का संबंध हाई ब्लड प्रेशर से है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में लोक स्वास्थ्य और न्यूट्रीशन के प्रोफेसर मेरिअन नेसले कहते हैं, अधिक कैलोरी लेने से वयस्कों, बच्चों के लिए वजन नियंत्रित करना मुश्किल होता है।

Post Author: nitesh

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